कालसर्प दोष निवारण उज्जैन में क्यों किया जाता है?
अवंतिका नगरी उज्जैन बाबा महाकाल का स्थान है यह स्थान मध्य प्रदेश राज्य में स्थित है पुराणों में यह कहा गया है की जो भी व्यक्ति उज्जैन नगरी में कालसर्प दोष निवारण की पूजन करता है वह व्यक्ति हमेशा के लिए सर्प दोष से मुक्त हो जाता है इसी वजह से हर साल लाखों श्रद्धालु सर्पा दोषा निवारण हेतु अवंतिका नगरी उज्जैन में आते हैं|
कालसर्प दोष क्या होता है?
राहु और केतु को पाप ग्रह कहा जाता है | जब बाकी सब ग्रहों यह दो ग्रहोंसे कुंडली में घिरे हुए रहते हैं| तो उसे कालसर्प दोष कहा जाता है वैसे तो कालसर्प दोष के 12 प्रकार है | राहु और केतु की कुंडली में स्थिति देखते हुए कौन से प्रकार का दोष है| वह देखा जाता है और फिर उस दोष के लिए पूजन किया जाता है|
कालसर्प दोष से होने वाले नुकसान?
जो भी व्यक्ति कालसर्प दोष से पीड़ित है उस व्यक्ति को आर्थिक परेशानियों से गुजारना पड़ता है| अगर कोई व्यक्ति बिजनेस कर रहा है तो उसमें कर्जे की संभावना होती सीधे शब्द में बोला जाए तो व्यक्ति के जीवन में सभी सुखों का नाश होता है | ऐसे व्यक्ति को कालसर्प दोष की पूजन जल्दी से जल्दी करना जरूरी है|
कालसर्प पूजन कब कर सकते है।
अवंतिका नगरी उज्जैन बाबा महाकाल का स्थान होने की वजह यहाँ पर १२ ही महीने पूजन होती है। आपके समय नुसार आ सकते है। सुबह ७ से लेकर दोहपर २ के बिच में आप आने के बाद पूजन शुरू कर सकते है। यह पूजन सामान्यता 2.30 घंटे तक चलती है |
विशेष जानकारी:
सभी सामग्री की व्यवस्था पंडितजी करते है आपको सिर्फ कपडे लेकर आना है। आदमी ,लड़का -धोती, कुर्ता, रुमाल– औरत, लड़की -साड़ी (काला, सफेद, हरा कलर) छोड़कर लेकर आना है|यह कपडे पूजन के बाद छोड़ने होते है और दूसरे कपडे पहनने होते है। पूजन को आने से १ दिन पहले कॉल करना जरूरी है। अकेला व्यक्ति भी यह पूजन कर सकता है।